Sun lee jo khuda ne dua, wo tum to nahi ho,
Darwaje pe dastak ki sada, tum to nahi ho,
Simti hui, sharmai hui raat ki rani,
Soi hui kaliyon ki haya tum to nahi ho,
Mehsoos kia tum ko to gili hui palken,
Bheege hue mousam ki adaa tum to nahi ho,
Inn ajnabi rahon mein nahi koi bhi mera,
Kis ne mujhe youn apna kaha, tum to nahi ho...!!!
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Saturday, December 5, 2009
Thursday, August 27, 2009
शायद नींद आ जाये (Shayad Neend Aa Jaye)
ज़रा सी रात ढल जाये तो शायद नींद आ जाये,
ज़रा सा दिल बहल जाये तो शायद नींद आ जाये,
अभी तो कुर्ब है बेचैनी है बेक़रारी है,
तबीयत कुछ संभल जाये तो शायद नींद आ जाये,
अभी तो नरम झोंकों में छुपे है तीर यादों के,
हवा का रुख बदल जाये तो शायद नींद आ जाये,
ये हँसता और मुस्कुराता काफिला चाँद और तारों का,
ज़रा आगे निकल जाये तो शायद नींद आ जाये,
ये तूफ़ान आंसुओं का जो उभर आया है पलकों पर,
किसी सूरत से टल जाये तो शायद नींद आ जाये...!!!
ज़रा सा दिल बहल जाये तो शायद नींद आ जाये,
अभी तो कुर्ब है बेचैनी है बेक़रारी है,
तबीयत कुछ संभल जाये तो शायद नींद आ जाये,
अभी तो नरम झोंकों में छुपे है तीर यादों के,
हवा का रुख बदल जाये तो शायद नींद आ जाये,
ये हँसता और मुस्कुराता काफिला चाँद और तारों का,
ज़रा आगे निकल जाये तो शायद नींद आ जाये,
ये तूफ़ान आंसुओं का जो उभर आया है पलकों पर,
किसी सूरत से टल जाये तो शायद नींद आ जाये...!!!
ज़माने बीत जाते हैं - Zamane Beet Jaate Hain
कभी नज़रें मिलाने में ज़माने बीत जाते हैं,
कभी नज़रें चुराने में ज़माने बीत जाते हैं,
किसी ने आँख भी खोली तो सोने की नगरी में,
किसी को घर बनाने में ज़माने बीत जाते हैं,
कभी काली स्याह रातें भी पल पल की लगती हैं,
कभी सूरज को आने में ज़माने बीत जाते हैं,
कभी खोला घर का दरवाजा तो मंजिल सामने थी,
कभी मंजिल को पाने में ज़माने बीत जाते हैं,
चंद लम्हों में टूट जाते हैं उम्र भर के वो बंधन,
वो बंधन जो बनाने में ज़माने बीत जाते हैं....!!!!
कभी नज़रें चुराने में ज़माने बीत जाते हैं,
किसी ने आँख भी खोली तो सोने की नगरी में,
किसी को घर बनाने में ज़माने बीत जाते हैं,
कभी काली स्याह रातें भी पल पल की लगती हैं,
कभी सूरज को आने में ज़माने बीत जाते हैं,
कभी खोला घर का दरवाजा तो मंजिल सामने थी,
कभी मंजिल को पाने में ज़माने बीत जाते हैं,
चंद लम्हों में टूट जाते हैं उम्र भर के वो बंधन,
वो बंधन जो बनाने में ज़माने बीत जाते हैं....!!!!
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